दोस्तों जब तक आप अपना कार्य करेंगे तभी तक लोग आपका इज्जत करेंगे। जिस दिन आप अपना कार्य करना बंद कर देंगे उस दिन से दुसरे तो दूर अपने भी आपका इज्जत करना बंद कर देंगे। इस लेख में यही बताया गया है की किसी व्यक्ति के लिए कार्य कितना जरुरी होता है और क्यों कर्म ही पूजा है ।
दुनिया में बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो अपनी क्षमता से ज्यादा कार्य करते हैं। क्या ये लोग अपनी क्षमता से ज्यादा मेहनत करके सफलता प्राप्त कर लेते हैं ? बहुत से लोगों का जवाब होगा क्यों नहीं सफल होंगे ये लोग इतना कठिन परिश्रम जो करते हैं। लेकिन ये जवाब बिलकुल गलत है। मैं इस लेख में यह बताऊंगा कि यह जवाब गलत क्यों है और क्यों उतना ही कार्य करें जितनी क्षमता हो।
जाड़े का समय था। महाराज अकबर ने अपने नगर में ऐलान करवा दिया कि जो भी व्यक्ति बिना किसी सहारे के नदी में रात भर रह जायेगा उसे उचित इनाम दिया जायेगा। ठण्ड इतनी तेज थी कि कोई भी व्यक्ति नदी में रात भर रहने को तैयार नहीं था। सभी को इस बात का डर था कि इतनी ठंडी में नदी में खड़ा रहने का मतलब खुद मौत के मुँह में जाना है। लेकिन कहा गया है कि मजबूरी आदमी से कुछ भी करवा सकती है। जब व्यक्ति के ऊपर कोई गंभीर मुसीबत रहती है तो वह उस मुसीबत से निकलने के लिए अपनी जान तक का भी परवाह नहीं करता।