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स्वामी विवेकानंद के सफल होने के 11 तरीके।

इस पोस्ट में स्वामी विवेकानंद के सफल होने के 11 तरीके बताए गए हैं जिसको अगर आप अपने जीवन में अपनाएंगे तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकेगा।

कर्म ही पूजा है।

दोस्तों जब तक आप अपना कार्य करेंगे तभी तक लोग आपका इज्जत करेंगे। जिस दिन आप अपना कार्य करना बंद कर देंगे उस दिन से दुसरे तो दूर अपने भी आपका इज्जत करना बंद कर देंगे। इस लेख में यही बताया गया है की किसी व्यक्ति के लिए कार्य कितना जरुरी होता है और क्यों कर्म ही पूजा है ।

जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान होते हैं।

इस लेख में स्वामी विवेकानंद जी का एक ऐसी घटना शेयर की गयी है जिसको पढ़ने के बाद आपको विश्वास हो जायेगा की जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान होते हैं।

किसी कार्य को लम्बे समय तक लगातार कैसे करें।

इस लेख में यह बताया गया है की लगातार कार्य करने से कौन - कौन सी परेशानी आती है तथा इन परेशानियों को हल कैसे किया जाये।

लालच बुरी बला है।

दोस्तों आज मैं आप लोगों को  ऐसी कहानी बताऊंगा जिसको पढ़ने के बाद यह सिद्ध हो जायेगा की लालच करना बुरी बला है।

उतना ही कार्य करें जितनी क्षमता हो।

दुनिया में बहुत से लोग  ऐसे होते हैं जो अपनी क्षमता से ज्यादा  कार्य करते हैं। क्या ये लोग अपनी क्षमता से ज्यादा मेहनत करके सफलता प्राप्त कर लेते हैं ? बहुत से लोगों का जवाब होगा क्यों नहीं सफल होंगे ये लोग इतना कठिन परिश्रम जो करते हैं। लेकिन ये जवाब बिलकुल गलत है। मैं इस लेख में यह बताऊंगा कि यह जवाब गलत क्यों है और क्यों उतना ही कार्य करें जितनी क्षमता हो। 

सफल होना है तो फायदा और नुकसान का अवलोकन करें।

जाड़े का समय था। महाराज अकबर ने अपने नगर में ऐलान करवा दिया कि जो भी व्यक्ति बिना किसी सहारे के नदी में रात भर रह जायेगा उसे उचित इनाम दिया जायेगा। ठण्ड इतनी तेज थी कि कोई भी व्यक्ति नदी में रात भर रहने को तैयार नहीं था। सभी को  इस बात का डर था कि  इतनी ठंडी में नदी में खड़ा  रहने का मतलब खुद मौत के मुँह में जाना है। लेकिन कहा गया है कि मजबूरी आदमी से कुछ भी करवा सकती है। जब व्यक्ति के ऊपर कोई गंभीर मुसीबत रहती है तो वह उस मुसीबत से निकलने के लिए अपनी जान तक का भी परवाह नहीं करता।