मैं हूँ के बीच का शब्द आपकी जिंदगी बदल देगी
दोस्तों आज मैं आप लोंगो को ऐसा उपाय बताऊंगा
मैं अपने काम को रफ्तार करता हूँ,
हद से भी ज्यादा इसे प्यार करता हूँ ,
कभी - कभी मन मेरा करता नहीं,
फिर भी इसे बार - बार करता हूँ ।
जो भी मन का दास होता है,
वो ही हमेशा उदास होता है,
मन का कभी भी सुनना नहीं,
जो सुनता हमेशा निराश होता है ।
जो अपने लक्ष्य को बदलता है,
कभी जीवन में सफल नहीं बनता है,
जो अपने लक्ष्य को बदलता नहीं,
उसे झुकाने वाला कोई मिलता नहीं ।
मैं अपने काम का विचार करता हूँ,
हद से भी ज्यादा लगाव रखता हूँ,
कभी - कभी मन मेरा करता नहीं,
फिर भी इसे लगातार करता हूँ ।
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