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सितंबर, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जिंदगी कैसे जिएं । How to live life in hindi

जिंदगी जीने का तरीका :  जो व्यक्ति दूसरों की खुशी के लिए जिए वही जिंदगी सार्थक जिंदगी कहलाती है। अपने शरीर और दिमाग को जितनी आवश्यकता हो उतना ही आराम दें। आवश्यकता से ज्यादा शरीर और दिमाग को आराम देने से ये आलसी हो जाते हैं जिससे समय की बर्बादी होती है। जब समय एक बार चला जाता है तो वह लौटकर नहीं आता।

अवचेतन मन क्या है । What is subconscious mind in hindi

अवचेतन मन की परिभाषा - मन की सुसुप्त अवस्था को अवचेतन मन कहते हैं।

चेतन मन क्या है । What is conscious mind in hindi

चेतन मन की परिभाषा - जब मन जागृत अवस्था में रहता है तो इसे चेतन मन कहते हैं।

मन क्या है । What is mind in hindi

मन की परिभाषा - मन मानव मष्तिष्क की ऐसी अदृश्य शक्ति या क्षमता है जिसके द्वारा मनुष्य सुख - दुःख का अनुभव व सोचने - समझने का कार्य करता है तथा किसी जानकारी या तथ्य का विवरण रखता है।

अनुशासन क्या है । What is discipline in hindi

अनुशासन की परिभाषा - किसी व्यक्ति , संस्था या राष्ट्र के द्वारा अपने चरित्र के विकास के लिए बनाए गए नियमों को ही अनुशासन कहते हैं।

आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं । How to increase confidence in hindi

आत्मविश्वास के बिना जिंदगी को कभी भी सफल व सुखी नहीं बनाया जा सकता है। अगर आपके दिमाग में भी यह बात चल रही है कि आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं तो इस लेख को शुरू से अंत तक जरूर पढ़ें। मुझे पूरा विश्वास है कि आपको यह लेख जरूर पसंद आएगी।

उतावला होना क्या है

उतावला होने की परिभाषा -  जब व्यक्ति तीव्र गति से यह सोचने लगे कि कोई कार्य कब होगा या कोई चीज कब प्राप्त होगी तो इसे उतावला होना कहते हैं।

मोक्ष क्या है

मोक्ष की परिभाषा - सांसारिक वस्तु , सुख एवं बंधन से मुक्ति प्राप्त कर लेना ही मोक्ष कहलाता है।

काम क्या है

काम की परिभाषा -  सभी वैध सांसारिक सुख को काम कहते हैं।

अर्थ क्या है

अर्थ की परिभाषा -  भौतिक सुख से सम्बंधित चीजों को प्राप्त करने के लिए जो कार्य किये जाते हैं , उसे ही अर्थ कहते हैं।

धर्म क्या है

धर्म की परिभाषा -  मनुष्य के अलौकिक कार्य, नियम या तरीके को धर्म कहते हैं।

पुरुषार्थ क्या है

पुरुषार्थ की परिभाषा -  मनुष्य द्वारा निःस्वार्थ भाव से किया गया ऐसा कर्म जिससे किसी जीव को हानि ना हो , उसके दिल तथा दिमाग को ठेस ना पहुंचे तो इसे पुरुषार्थ कहते हैं।

एकाग्रता कैसे बढ़ाएं

दोस्तों बहुत प्रयत्न करने के बावजूद भी अगर आपका मन एकाग्र नहीं हो रहा है तो इस लेख को जरूर पढ़े। मुझे पूरा विश्वास है की इसको पढ़ने के बाद आप अपने मन को एकाग्र कर सकेंगे।

भेद की परिभाषा

भेद की परिभाषा - किसी व्यक्ति को आपस में बैर कराकर या उसके गुप्त रहस्यों की खोलने की धमकी देकर जो कार्य करवाते हैं , इसे भेद कहते हैं।

दंड की परिभाषा

दंड की परिभाषा -  यदि किसी व्यक्ति को सजा देकर कार्य कराया जाये तो इसे दंड कहते हैं।

दाम की परिभाषा

दाम की परिभाषा -  यदि किसी कार्य को करवाने के लिए जो मूल्य चुकाते हैं , इसे दाम कहते हैं।

साम की परिभाषा

साम की परिभाषा - यदि किसी व्यक्ति से किसी कार्य को निवेदन या विनती करके करवाते हैं तो इसे साम कहते हैं।

ईर्ष्या की परिभाषा

 ईर्ष्या की परिभाषा   -  जब कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति के व्यवहार या कार्य को देखकर जलता है या घृणा करता है , इसे ईर्ष्या कहते हैं।

दया की परिभाषा

दया की परिभाषा - दूसरों का दुःख , दर्द या परेशानी देखकर जब हमारी भावना में कोमलता आ जाती है , इसे ही दया कहते हैं।

बुद्धि की परिभाषा

बुद्धि की परिभाषा - किसी समस्या को कम समय में और सरल ढंग से सुलझाने की चालाकी को बुद्धि कहते हैं।

सत्य की परिभाषा

सत्य की परिभाषा - जो हम देखते , सुनते या अनुभव करते हैं  वही सत्य है।

लक्ष्य को प्राप्त कैसे करें

दोस्तों अगर आपके दिमाग में भी यह प्रश्न चल रहा है की लक्ष्य को पूरा कैसे करें तो इस पोस्ट को शुरू से अंत तक पढ़े। मुझे पूरा विश्वास है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके सवाल का जवाब जरूर मिल जाएगा।

ऊर्जा की परिभाषा

ऊर्जा की परिभाषा -  व्यक्ति के अंदर कार्य करने की या लक्ष्य को पूरा करने की जो क्षमता या शक्ति होती है उसे ऊर्जा कहते हैं।

ज्ञान की परिभाषा

 ज्ञान की परिभाषा - किसी विषय के बारे में जानकारी या किसी कार्य को करने की तरीका की जानकारी को ही ज्ञान कहते हैं।

शरारत की परिभाषा

शरारत की परिभाषा -   व्यक्ति के अशिष्टतापूर्ण या मजाकिया व्यवहार को  शरारत कहते हैं।

तर्क की परिभाषा

तर्क की परिभाषा -   जब व्यक्ति किसी मुद्दा को सुलझाने के लिए आपस में विचार विमर्श करते हैं , उसे ही तर्क कहते हैं।

जिम्मेदारी की परिभाषा

जिम्मेदारी की परिभाषा - व्यक्ति का महत्वपूर्ण कार्य उसका जिम्मेदारी कहलाती है।

दर्द की परिभाषा

दर्द की परिभाषा - व्यक्ति के शारीरिक पीड़ा को दर्द कहते हैं।

दुःख की परिभाषा

दुःख की परिभाषा   -  व्यक्ति के मानसिक पीड़ा को दुःख कहते हैं।

डर की परिभाषा

 डर की परिभाषा - जब व्यक्ति समस्या को देखकर या समस्या आने की सम्भावना से घबरा जाता है , इसे ही डर कहते हैं।

क्रोध की परिभाषा

क्रोध की परिभाषा - अपनी इच्छाओं के फलस्वरूप कोई कार्य ना होने पर जो तीव्र भाव उत्पन होते हैं उसे क्रोध कहते हैं।

चरित्र की परिभाषा

 चरित्र की परिभाषा -  शिष्टाचार  सम्बन्धी कार्य को चरित्र कहते हैं।

व्यवहार की पारिभाषा

व्यवहार की पारिभाषा - शिष्टाचार सम्बन्धी बातों को व्यवहार  कहते हैं।