ईर्ष्या की परिभाषा- जब कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति के व्यवहार या कार्य को देखकर जलता है या घृणा करता है , इसे ईर्ष्या कहते हैं। उदाहरण - यदि रमेश , महेश की नौकरी लग जाने पर जलता है तो हम कहेंगे की रमेश , महेश से ईर्ष्या करता है।
दोस्तों जब तक आप अपना कार्य करेंगे तभी तक लोग आपका इज्जत करेंगे। जिस दिन आप अपना कार्य करना बंद कर देंगे उस दिन से दुसरे तो दूर अपने भी आपका इज्जत करना बंद कर देंगे। इस लेख में यही बताया गया है की किसी व्यक्ति के लिए कार्य कितना जरुरी होता है और क्यों कर्म ही पूजा है ।
नमस्कार दोस्तों आज मैं आप लोगों को ऐसा रहस्य बताने जा रहा हूँ जिसको आप अमल में लाकर १००% गारंटी के साथ सफलता प्राप्त कर लेंगे। इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़े और यह जाने की वो कौन सा ऐसा रहस्य है जो व्यक्ति को सफलता के शिखर पर पहुंचा देगी।
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