प्रेम की परिभाषा - जब किसी जीव को दूसरे जीव से निःस्वार्थ लगाव हो जाता है तो इसे प्रेम कहते हैं। उदाहरण - यदि महेश को गीता से निःस्वार्थ लगाव हो जाता है तो इस लगाव को प्रेम कहेंगे।
पप्पू को हरीश से सच्चा लगाव हो गया तो इस लगाव को प्रेम कहेंगे।
नमस्कार दोस्तों आज मैं आप लोगों को ऐसा रहस्य बताने जा रहा हूँ जिसको आप अमल में लाकर १००% गारंटी के साथ सफलता प्राप्त कर लेंगे। इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़े और यह जाने की वो कौन सा ऐसा रहस्य है जो व्यक्ति को सफलता के शिखर पर पहुंचा देगी।
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