दोस्तों हम सभी जानते हैं कि लक्ष्य के बिना सफलता प्राप्त करना नामुमकिन है । हम सफल होने के लिए लक्ष्य बनाते भी हैं लेकिन कुछ दिनों के बाद हमारा मन लक्ष्य से भटकने लगता है , निराश हो जाता है और चंचल हो जाता है । इन सबका कारण क्या है और इसका समाधान कैसे करें , इस लेख में यही बताया गया है ।
हमारा मन सिर्फ उसी तरफ भागता है जिधर इसको खुशी , सुकून व संतुष्टि मिलती है । अब सवाल यह उठता है कि मन को खुशी , सुकून व संतुष्टि कब मिलती है । मन खुश , सुकून व संतुष्ट तभी होता है जब कोई कार्य आसान हो और उसमें ज्यादा फायदा हो । मगर दुनिया में ऐसा कोई कार्य नहीं जो आसान हो और उसमें बहुत फायदा हो । कोई भी कार्य शुरुआत में आसान होता है लेकिन बाद में वही कार्य मुश्किल हो जाता है । शुरुआत में हम किसी भी कार्य के बेसिक बातों को सीखते हैं जो आसान होता है जिसके कारण हमारा मन उस कार्य में लगा रहता है लेकिन जैसे - जैसे हम आगे बढ़ते हैं कार्य उतना ही मुश्किल होता जाता है जिसके कारण हमारा मन उस कार्य से भटकने लगता है । अब सवाल यह उठता है कि मुश्किल कार्य होने के बावजूद भी ऐसा क्या किया जाये की हमारा मन उस कार्य से न भटके ।
सबसे पहले कोई भी लक्ष्य मन के रुचि के अनुसार बनाएं जब कार्य मुश्किल हो जाये और आपका मन उस कार्य से भागने लगे तब मन को यह अहसास कराओ की दुनिया में ऐसा कोई भी कार्य नहीं जिसमें मुश्किलों का सामना न करना पड़े । फिर भी अगर मन न माने तब मन को जबरदस्ती उस कार्य में लगाएं । मन को किसी कार्य में जबरदस्ती लगाने के फायदे यह होता है कि कुछ समय के बाद मन के सामने कोई विकल्प न होने के कारण वह पुनः उसी कार्य में पूरी जोश और एकाग्रता के साथ लग जाता है ।
बहुत से लोगों के मन में यह सवाल चलता रहता है कि मन को कब आराम देना चाहिए । मन को आराम देने का सबसे अच्छा समय जब हम बिस्तर पर सोने जाते हैं उस समय होता है ।
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धन्यवाद.......
wow..bahut hi badhia...
जवाब देंहटाएंHaaaa
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