भावना क्या है? परिभाषा और उदाहरण (Emotion Definition in Hindi)

चित्र
  भावना (Emotion) परिभाषा: • वह मानसिक और शारीरिक अवस्था है, जो किसी स्थिति, व्यक्ति या घटना के प्रति हमारी अनुभूति को व्यक्त करती है, भावना कहलाती है। • यह हमारे अंदर खुशी, दुख, गुस्सा, डर, प्रेम जैसी प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न करती है। • भावना हमारे व्यवहार और निर्णयों को प्रभावित करती है। • यह व्यक्ति के अनुभव और परिस्थिति के अनुसार बदलती रहती है। उदाहरण: यदि कोई व्यक्ति अपने प्रियजन से मिलकर खुश होता है, तो यह उसकी भावना है। इसी प्रकार, किसी दुखद घटना पर रोना भी भावना का उदाहरण है। अगर आपको ऐसे ही महत्वपूर्ण शब्दों का परिभाषा सहित उदाहरण चाहिए तो इस वेबसाइट को सपोर्ट करें और ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ।  धन्यवाद! ऐसे ही ज्ञानवर्धक लेखों के लिए जुड़े रहें। 

आचार्य चाणक्य के 11 अनमोल विचार

चाणक्य अपने समय के सबसे विद्वान व्यक्ति थे। उन्होंने चाणक्य निति में ऐसे उपाय बताएं हैं जिसको अपनाकर व्यक्ति किसी भी समस्या को सुलझा सकता है। इस लेख में आचार्य चाणक्य के 11 ऐसे ही  अनमोल वचन बताया गया जिसको अपनाकर आप अपने समस्या को बड़ी आसानी से सुलझा सकते हैं।

1. जो व्यक्ति शक्ति न होते हुए भी अपने मन से हार नहीं मानता है , उसको संसार की कोई भी ताकत नहीं हरा सकती है।
2. अपने रहस्य को किसी से भी मत बताओ क्योंकि यह आपके  लिए ही घातक सिद्ध होगी।
3. अनुशासनहीन लोग खुद तो दुखी रहते ही हैं , साथ ही साथ दूसरों को भी दुःख पहुंचाते हैं।
4.व्यक्ति की असली पूंजी उसका ज्ञान है , ज्ञान को कोई चुरा नहीं सकता। किसी भी प्रकार का अर्जित ज्ञान कभी बेकार नहीं जाता। किसी न किसी दिन व्यक्ति का ज्ञान काम आता है। ऐसा  व्यक्ति जीवन में कभी भी असफल नहीं होता।
5. संतुलित दिमाग जैसा कोई सादगी नहीं , संतोष जैसा कोई सुख नहीं , लोभ जैसा कोई बीमारी नहीं और दया जैसा कोई पुण्य नहीं।
6. कोई व्यक्ति अपने कार्यों से महान होता है , अपने जन्म से नहीं।
7. भाग्य के सहारे रहने वाले  लोगों का नाश होता है , हमें मुसीबत आने पहले ही उसका हल खोज लेना चाहिए।
8. फूलों की सुगंध केवल हवा के दिशा में फैलती है जबकि एक अच्छे इंसान की अच्छाई चारों दिशाओं में फैलती है।
9. कोई भी कार्य शुरू करने से पहले खुद से तीन प्रश्न कीजिये - मैं यह क्यों कर रहा हूँ , इसके परिणाम क्या होंगे , क्या मैं इसमें सफल हो पाउँगा। जब गहराई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जाए तभी उस कार्य की शुरुआत कीजिए।
10.कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिए जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हो। ऐसे मित्र कभी भी आपको धोखा दे सकते हैं।
11. हमें मूर्ख लोगों से बहस से बहस नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे अपना ही नुकसान होगा ।
दोस्तों आचार्य चाणक्य के 11 अनमोल विचार आपको कैसा लगा अपने कमेन्ट के माध्यम से जरूर बताएं।
                                                               धन्यवाद.......

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट