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लोगों के प्रति व्यवहार को बेहतर कैसे बनाएं।

कोई भी व्यक्ति हर कार्य को अकेले नहीं कर सकता , चाहे वह अमीर हो या गरीब , ताकतवर हो या कमजोर , बुद्धिमान हो या मुर्ख।  हर व्यक्ति को कभी न कभी किसी का सहारा लेना पड़ता है। मुसीबत के समय किसी व्यक्ति को हजारों लोग सहायता करने के लिए तैयार हो जाते हैं जबकि कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जिनका सहायता करने के लिए एक भी लोग तैयार नहीं होते। ऐसा क्यों होता है ? ऐसा होने का तो बहुत कारण है लेकिन सबसे बड़ा कारण लोगों के प्रति अपना व्यवहार है।

सफल होना है तो ऐसा करें।

मानव का मष्तिष्क कुछ इस तरह है की प्रत्येक व्यक्ति एक ही तरीके अपनाकर सफल नहीं हो सकते। हर व्यक्ति अपनी स्थिति के हिसाब से ऐसे तरीकों को अपनाना चाहता है जो उसके लिए आसान और उचित हो। ज्यादातर व्यक्ति किसी बात को सैद्धांतिक नहीं समझ पाते जबकि उन्हें वही बात व्यावहारिक समझाया जाए तो वह उसे तुरंत समझ जाते हैं। दुनिया में सफल होने के लिए बहुत से उपाय है। मैं इस लेख में सफल होने का ऐसा उपाय बताऊंगा जिसको अपनाने से आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

समय का सदुपयोग और बचत कैसे करें। HOW TO USE AND SAVE TIME IN HINDI.

जो लोग समय का कद्र नहीं करते , दुनिया उनका कद्र नहीं करती। यहाँ तक की वो खुद अपनी ही नजर में गिर जाते हैं। समय से बलवान दुनिया में कोई भी चीज नहीं होता , दुनिया में क्या पूरी ब्रह्माण्ड में इससे बलवान कुछ नहीं हैं। जिसने समय का सही तरीके से सदुपयोग करने का ढंग सीख लिया , उसके लिए इस ब्रह्माण्ड में कोई भी चीज को पाना असंभव नहीं होगा।

कौन सा कार्य सही है तथा इसका चुनाव कैसे करें।

मानव जीवन का सबसे बड़ा आधार कार्य ही होता है। कार्य के आधार पर ही मानव के व्यक्तित्व की पहचान होती है। बहुत सारे लोग इस बात को लेकर हमेशा उलझन में रहते हैं कि कौन सा कार्य सही है तथा कौन सा गलत , किस कार्य को करूँ तथा किसे नहीं , कार्य का चुनाव किस आधार पर करूँ आदि। इन उलझन के कारण वो किसी भी कार्य को पूरी ऊर्जा के साथ नहीं कर पाते।

रिसर्च कैसे करें। HOW TO RESEARCH IN HINDI .

दोस्तों ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल चलता है कि रिसर्च कैसे करें। मैं इस पोस्ट के माध्यम से इस सवाल का जवाब दिया है।

जो होता है अच्छे के लिए होता है।

दोस्तों हमारे जिंदगी में जो होता है अच्छे के लिए होता है , चाहे वह बुरा हो या अच्छा। आज मैं आपको ऐसे कहानी बताऊंगा जो यह सिद्ध कर देगी की जो होता है अच्छे के लिए होता है।

अपने संकल्प को पूरा कैसे करें। HOW TO EXECUTE OUR VOLITION IN HINDI .

जब आप किसी कार्य को पूरा करने का संकल्प लेते हैं तब समझिए कि उसी समय आप सफलता के राह पर निकल चुके हैं। संकल्प को पूरा करने में शरीर और मन की अहम भूमिका होती है। आपको मन तथा शरीर को हमेशा तंदरुस्त रखना पड़ेगा। शरीर को तो हम थोड़ा मेहनत करके तंदरुस्त बना लेते हैं लेकिन मन को कैसे तंदरुस्त रखें ? इसे कैसे समझा कर रखें ? ये तो एक जगह शांति से रहता ही नहीं है।  दोस्तों मैं अपने इस पोस्ट में यही बताऊंगा की संकल्प पूरा करने के लिए किस प्रकार से शरीर और मन को व्यवस्थित करें।

कड़ी मेहनत कैसे करें। HOW TO DO HARD WORK IN HINDI .

दोस्तों जिंदगी को आनंदमय बनाने के लिए कड़ी मेहनत करना बहुत जरुरी है। आज के इस पोस्ट में मैं यह बताऊंगा कि आप कड़ी मेहनत कैसे करें।

अपने दिमाग की मेमोरी कैसे बढ़ाएं। HOW TO RAISE YOUR MIND MEMORY.

दोस्तों जब भी हम किसी बातों को याद करते हैं तो वह जल्दी याद नहीं होती और होती भी है तो हम उसे जल्दी ही भूल जाते हैं। मैं आज आप लोगों से ऐसी तकनीक बताऊंगा जिसे प्रयोग करके आप किसी भी बातों को बहुत तेजी से याद कर पाएंगे।

अमीर कैसे बने। rich dad poor dad .

क्यों कुछ लोग अमीर बन पाते हैं और क्यों ज्यादातर लोग गरीब या माध्यम वर्ग के ही रह  जाते हैं।

उत्साह कैसे बढ़ाएं। how to raise interest .

हर व्यक्ति की यही इच्छा रहती है की वह हमेशा उत्साहित व सुखी रहे। दुनिया में ऐसा कोईं भी व्यक्ति नहीं है जिसके मन में ये सवाल न आया हो कि उत्साह कैसे बढ़ाये ? लेकिन बहुत ही काम लोग होंगे जिसे इस सवाल का जवाब मिला होगा और वे उत्साहित होंगे। जिन लोगों को इस सवाल का जवाब नहीं मिला उनके लिए ये लेख उपयोगी सिद्ध होगी।

आकर्षण का सिद्धांत । Law of attraction in hindi

आकर्षण का सिद्धांत ( Law of attraction ) -   व्यक्ति जैसा सोचता और महसूस करता है , वह वैसा ही बन जाता है।

डर को दूर कैसे भगाएं। How to overcome your fear in hindi

डर मानव की ऐसी प्रवृति है अगर इसको दूर नहीं किया गया तो यह खुद के लिए घातक सिद्ध होती है। हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे कि डर को दूर कैसे किया जाता है।

आलस्य को दूर कैसे करें। how to overcome your laziness in hindi

दोस्तों जब तक हमारे अंदर आलस्य है तब तक हम कभी भी सफलता प्राप्त नहीं कर सकते। अगर आपको जिंदगी में सफल होना है तो सबसे पहले आपको अपना आलस्य त्यागना होगा। आलस्य को दूर कैसे करे , इस सवाल का जवाब इस लेख को पढ़ने के बाद जरूर मिल जायेगा।

क्रोध को नियंत्रित कैसे करें । how to control your anger in hindi

दोस्तों अगर आपको बातों - बातों  पर ज्यादा गुस्सा आता है , आप अपने गुस्सा को कण्ट्रोल नहीं कर पाते हैं तो इस लेख को जरूर पढ़े जिससे आपको अपने गुस्सा पर नियंत्रण करने का उपाय मिल जायेगा।

जिंदगी कैसे जिएं । How to live life in hindi

जिंदगी जीने का तरीका :  जो व्यक्ति दूसरों की खुशी के लिए जिए वही जिंदगी सार्थक जिंदगी कहलाती है। अपने शरीर और दिमाग को जितनी आवश्यकता हो उतना ही आराम दें। आवश्यकता से ज्यादा शरीर और दिमाग को आराम देने से ये आलसी हो जाते हैं जिससे समय की बर्बादी होती है। जब समय एक बार चला जाता है तो वह लौटकर नहीं आता।

अवचेतन मन क्या है । What is subconscious mind in hindi

अवचेतन मन की परिभाषा - मन की सुसुप्त अवस्था को अवचेतन मन कहते हैं।

चेतन मन क्या है । What is conscious mind in hindi

चेतन मन की परिभाषा - जब मन जागृत अवस्था में रहता है तो इसे चेतन मन कहते हैं।

मन क्या है । What is mind in hindi

मन की परिभाषा - मन मानव मष्तिष्क की ऐसी अदृश्य शक्ति या क्षमता है जिसके द्वारा मनुष्य सुख - दुःख का अनुभव व सोचने - समझने का कार्य करता है तथा किसी जानकारी या तथ्य का विवरण रखता है।

अनुशासन क्या है । What is discipline in hindi

अनुशासन की परिभाषा - किसी व्यक्ति , संस्था या राष्ट्र के द्वारा अपने चरित्र के विकास के लिए बनाए गए नियमों को ही अनुशासन कहते हैं।

आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं । How to increase confidence in hindi

आत्मविश्वास के बिना जिंदगी को कभी भी सफल व सुखी नहीं बनाया जा सकता है। अगर आपके दिमाग में भी यह बात चल रही है कि आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं तो इस लेख को शुरू से अंत तक जरूर पढ़ें। मुझे पूरा विश्वास है कि आपको यह लेख जरूर पसंद आएगी।

उतावला होना क्या है

उतावला होने की परिभाषा -  जब व्यक्ति तीव्र गति से यह सोचने लगे कि कोई कार्य कब होगा या कोई चीज कब प्राप्त होगी तो इसे उतावला होना कहते हैं।

मोक्ष क्या है

मोक्ष की परिभाषा - सांसारिक वस्तु , सुख एवं बंधन से मुक्ति प्राप्त कर लेना ही मोक्ष कहलाता है।

काम क्या है

काम की परिभाषा -  सभी वैध सांसारिक सुख को काम कहते हैं।

अर्थ क्या है

अर्थ की परिभाषा -  भौतिक सुख से सम्बंधित चीजों को प्राप्त करने के लिए जो कार्य किये जाते हैं , उसे ही अर्थ कहते हैं।

धर्म क्या है

धर्म की परिभाषा -  मनुष्य के अलौकिक कार्य, नियम या तरीके को धर्म कहते हैं।

पुरुषार्थ क्या है

पुरुषार्थ की परिभाषा -  मनुष्य द्वारा निःस्वार्थ भाव से किया गया ऐसा कर्म जिससे किसी जीव को हानि ना हो , उसके दिल तथा दिमाग को ठेस ना पहुंचे तो इसे पुरुषार्थ कहते हैं।

एकाग्रता कैसे बढ़ाएं

दोस्तों बहुत प्रयत्न करने के बावजूद भी अगर आपका मन एकाग्र नहीं हो रहा है तो इस लेख को जरूर पढ़े। मुझे पूरा विश्वास है की इसको पढ़ने के बाद आप अपने मन को एकाग्र कर सकेंगे।

भेद की परिभाषा

भेद की परिभाषा - किसी व्यक्ति को आपस में बैर कराकर या उसके गुप्त रहस्यों की खोलने की धमकी देकर जो कार्य करवाते हैं , इसे भेद कहते हैं।

दंड की परिभाषा

दंड की परिभाषा -  यदि किसी व्यक्ति को सजा देकर कार्य कराया जाये तो इसे दंड कहते हैं।

दाम की परिभाषा

दाम की परिभाषा -  यदि किसी कार्य को करवाने के लिए जो मूल्य चुकाते हैं , इसे दाम कहते हैं।

साम की परिभाषा

साम की परिभाषा - यदि किसी व्यक्ति से किसी कार्य को निवेदन या विनती करके करवाते हैं तो इसे साम कहते हैं।

ईर्ष्या की परिभाषा

 ईर्ष्या की परिभाषा   -  जब कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति के व्यवहार या कार्य को देखकर जलता है या घृणा करता है , इसे ईर्ष्या कहते हैं।

दया की परिभाषा

दया की परिभाषा - दूसरों का दुःख , दर्द या परेशानी देखकर जब हमारी भावना में कोमलता आ जाती है , इसे ही दया कहते हैं।

बुद्धि की परिभाषा

बुद्धि की परिभाषा - किसी समस्या को कम समय में और सरल ढंग से सुलझाने की चालाकी को बुद्धि कहते हैं।

सत्य की परिभाषा

सत्य की परिभाषा - जो हम देखते , सुनते या अनुभव करते हैं  वही सत्य है।

लक्ष्य को प्राप्त कैसे करें

दोस्तों अगर आपके दिमाग में भी यह प्रश्न चल रहा है की लक्ष्य को पूरा कैसे करें तो इस पोस्ट को शुरू से अंत तक पढ़े। मुझे पूरा विश्वास है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके सवाल का जवाब जरूर मिल जाएगा।

ऊर्जा की परिभाषा

ऊर्जा की परिभाषा -  व्यक्ति के अंदर कार्य करने की या लक्ष्य को पूरा करने की जो क्षमता या शक्ति होती है उसे ऊर्जा कहते हैं।

ज्ञान की परिभाषा

 ज्ञान की परिभाषा - किसी विषय के बारे में जानकारी या किसी कार्य को करने की तरीका की जानकारी को ही ज्ञान कहते हैं।

शरारत की परिभाषा

शरारत की परिभाषा -   व्यक्ति के अशिष्टतापूर्ण या मजाकिया व्यवहार को  शरारत कहते हैं।

तर्क की परिभाषा

तर्क की परिभाषा -   जब व्यक्ति किसी मुद्दा को सुलझाने के लिए आपस में विचार विमर्श करते हैं , उसे ही तर्क कहते हैं।

जिम्मेदारी की परिभाषा

जिम्मेदारी की परिभाषा - व्यक्ति का महत्वपूर्ण कार्य उसका जिम्मेदारी कहलाती है।

दर्द की परिभाषा

दर्द की परिभाषा - व्यक्ति के शारीरिक पीड़ा को दर्द कहते हैं।

दुःख की परिभाषा

दुःख की परिभाषा   -  व्यक्ति के मानसिक पीड़ा को दुःख कहते हैं।

डर की परिभाषा

 डर की परिभाषा - जब व्यक्ति समस्या को देखकर या समस्या आने की सम्भावना से घबरा जाता है , इसे ही डर कहते हैं।

क्रोध की परिभाषा

क्रोध की परिभाषा - अपनी इच्छाओं के फलस्वरूप कोई कार्य ना होने पर जो तीव्र भाव उत्पन होते हैं उसे क्रोध कहते हैं।

चरित्र की परिभाषा

 चरित्र की परिभाषा -  शिष्टाचार  सम्बन्धी कार्य को चरित्र कहते हैं।

व्यवहार की पारिभाषा

व्यवहार की पारिभाषा - शिष्टाचार सम्बन्धी बातों को व्यवहार  कहते हैं।

इज्जत की परिभाषा

इज्जत की परिभाषा   -  व्यक्ति के अच्छे व्यवहार , अच्छे चरित्र तथा सेवा - सत्कार को ही इज्जत  कहते हैं।

लालच की परिभाषा

लालच की परिभाषा - जब व्यक्ति अपने हक या मेहनत से ज्यादा चीजों को पाने की लालसा करता है , उसे ही लालच कहते हैं।

इच्छा की परिभाषा

इच्छा की परिभाषा -  मनुष्य के चाहत को ही उसकी इच्छा कहते हैं। दूसरे शब्दों में मनुष्य जो करना चाहता है या पाना चाहता है उसे ही उसकी इच्छा कहते हैं।

आलस्य की परिभाषा

आलस्य की परिभाषा - जब व्यक्ति यह जानते हुए भी कि किसी कार्य को न करने से उसका नुकसान होगा फिर भी वह अपने शरीर व दिमाग को थोड़े से आराम देने के लिए वह उस कार्य को नहीं करता या करता भी है तो सुस्त व बिना उत्साह के , इसे ही आलस्य कहते हैं।

आत्मविश्वास तथा अहंकार में अंतर

आत्मविश्वास तथा अहंकार में अंतर - आत्म्विश्वास तथा अहंकार में बस ' सिर्फ ' शब्द का अंतर है। यदि किसी व्यक्ति को कोई कार्य करना है और वह व्यक्ति कहे की मैं इस कार्य को कर सकता हूँ तो यह उस व्यक्ति का आत्मविश्वास होगा।

अहंकार की परिभाषा

अहंकार की परिभाषा - जब व्यक्ति के अंदर हम की भावना आ जाती है तो उसे अहंकार कहते हैं।

ऊब [ बोरिंग ] की परिभाषा

ऊब [ बोरिंग ] की परिभाषा - जब व्यक्ति को किसी कार्य को  करने  में मन नहीं लगता या परेशान हो जाता है तो इसे ऊब कहते हैं।

सपना की परिभाषा

सपना की परिभाषा -  जब व्यक्ति अपनी इच्छाओं के बारे में कल्पना करता है तो इसे सपना कहते हैं।

प्रेम की परिभाषा

प्रेम की परिभाषा - जब किसी जीव को दूसरे जीव से निःस्वार्थ लगाव हो जाता है तो इसे प्रेम कहते हैं।

भावना की परिभाषा

भावना की  परिभाषा   -  जब मनुष्य को देखकर , सुनकर , चखकर , सूंघकर तथा त्वचा के माध्यम से जो अहसास होता है उसे ही भावना कहते हैं।

चिंतन की परिभाषा

 चिंतन की परिभाषा - जब व्यक्ति समस्या को सुलझाने के लिए सोचता है तो इसे चिंतन कहते हैं।

चिंता की परिभाषा

चिंता की परिभाषा - जब व्यक्ति सिर्फ उस घटनाओं के बारे में सोचता है जो उसके दिमाग को दुःख पहुँचाता है तो इसे चिंता कहते हैं।

शांत की परिभाषा

शांत की परिभाषा - जब व्यक्ति किसी कार्य को करते समय चिंता ना करे तो उसे शांत कहते हैं।

सहनशील की परिभाषा

सहनशील की परिभाषा -  यदि किसी व्यक्ति के अंदर किसी समस्या को सहने की क्षमता है तो उस व्यक्ति को सहनशील कहेंगे।

रफ्तार की परिभाषा

रफ्तार की परिभाषा -  अपने कार्य को तेज गति से करने की क्रिया को रफ्तार कहते हैं।

सकारात्मक सोच की परिभाषा

 सकारात्मक सोच की परिभाषा   -  जब व्यक्ति किसी मुद्दा के सकारात्मक पहलू के बारे में सोचता है तो इसे सकारात्मक सोच कहते हैं।

प्रयास की परिभाषा

प्रयास की परिभाषा -   व्यक्ति द्वारा अपने लक्ष्य को पूरा करने करने में असफल हो जाने पर भी सफलता के लिए दुबारा प्रयत्न करना ही प्रयास कहलाता है।

संतुष्टि की परिभाषा

संतुष्टि की परिभाषा -  व्यक्ति के पास जितना  है वह  उतना में ही खुश रहता है तो  इसे संतुष्टि कहते हैं।

आत्मविश्वास की परिभाषा

आत्मविश्वास की परिभाषा - जब व्यक्ति को अपने बल , बुद्धि , विद्या पर पूरा भरोसा रहता है तो इसे आत्मविश्वास कहते हैं।

धैर्य की परिभाषा

धैर्य की परिभाषा -  जब व्यक्ति विपरीत स्थिति में भी अपना हिम्मत नहीं हारता तो इसे धैर्य कहते हैं।

निडर की परिभाषा

निडर की परिभाषा  - जब व्यक्ति किसी समस्या को देखकर डरता नहीं है तो उसे निडर कहते हैं।

उत्साह की परिभाषा

 उत्साह की परिभाषा    -  जब व्यक्ति किसी कार्य को करते हुए या किसी चीज को पाकर खुशी की अनुभूति करता है तो इसे उत्साह कहते हैं।

मेहनत की परिभाषा

मेहनत की परिभाषा -  जब व्यक्ति किसी कार्य को ध्यान लगाकर करता है तो इसे मेहनत कहते हैं।

एकाग्रता की परिभाषा

एकाग्रता की परिभाषा -  किसी एक मुद्दा पर विचार करने की क्रिया को एकाग्रता कहते हैं।

योजना की परिभाषा

योजना की परिभाषा -  जब व्यक्ति किसी कार्य को कब , कैसे और कहा करना है के रूप में व्यवस्थित कर ले तो इसे योजना कहते हैं।

परिभाषा की परिभाषा

परिभाषा की परिभाषा -  जब यह सवाल उठे की किसी मुद्दा का मतलब क्या होता है तो इसे परिभाषा कहते हैं।

लक्ष्य की परिभाषा

लक्ष्य की परिभाषा  - जब व्यक्ति यह निर्णय कर लेता है कि उसे कौन सा कार्य करना है तो यह कार्य उस व्यक्ति का लक्ष्य हो जाता है।

वस्तु के तथ्य

वस्तु के तथ्य -   नाम -आकार -रंग -गुड़वत्ता - संख्या -माप नाम - मेज , किताब , कम्प्युटर , दरवाजा आदि। आकार - आयताकार , त्रिभुजाकार , वृत्ताकार ,

मुद्दा की परिभाषा

मुद्दा की परिभाषा - व्यक्ति , वस्तु , स्थान ,समय या वातावरण से सम्बंधित तथ्य को मुद्दा कहते हैं।

विचार की परिभाषा

 विचार की परिभाषा -  जब मनुष्य किसी मुद्दा को लेकर उसके बारे में तर्क वितर्क करके जो निष्कर्ष निकालता है उसे ही विचार कहते हैं।

सोच की परिभाषा

सोच की परिभाषा -  विचारों या बातों की प्रक्रिया को सोच कहते हैं।

तरीका की परिभाषा

तरीका की परिभाषा  -  व्यक्ति , वस्तु , स्थान , समय या वातावरण से सम्बंधित तथ्य को व्यवस्थित

नियम की परिभाषा

नियम की परिभाषा -  जब यह प्रतिबन्ध लागू हो की "कौन सा कार्य या व्यवहार करें और कौन नहीं तथा किसी कार्य या व्यवहार को

कार्य को क्रमबद्ध कैसे करें

कार्य को क्रमबद्ध कैसे करें  - दिनचर्या -स्वास्थ्य -परिवार -अध्ययन -

समस्या को कैसे सुलझाएं

समस्या को कैसे सुलझाएं  -  समस्या का असर अपने ऊपर जितना होना होता है वो तो होगा ही, अगर हम घबराएंगे या डरेंगे तो वहीं समस्या अपनी वास्तविक स्थिति से

सफलता के मंत्र

सफलता के  मंत्र -  लक्ष्य - योजना - मेहनत -एकाग्रता -शान्त -उत्साह -निडर - धैर्य -आत्मविश्वास -संतुष्टि -